Kritavarma — निष्ठा, पश्चाताप और मौन पतन की करुण गाथा 👇
महाभारत के विराट आकाश में कुछ पात्र ऐसे हैं जो दीप्तिमान न होकर भी इतिहास के अंतरालों में निरंतर धधकते […]
महाभारत के विराट आकाश में कुछ पात्र ऐसे हैं जो दीप्तिमान न होकर भी इतिहास के अंतरालों में निरंतर धधकते […]
अंगद का जन्म गर्जना के घर में हुआ था। उसके पिता थे बालि— वनों का सिंह, युद्ध का देवता। पर
रामायण के विराट पात्रों के बीच एक नाम ऐसा भी है, जो बहुत कम लिया जाता है — रुमा। वह
इतिहास ने कुंभकर्ण को उपहास में बाँध दिया। कभी उसे निद्रालु कहा गया, कभी उसे अतिभोजी राक्षस कहकर हँस दिया
लंका के स्वर्णिम प्रासादों में कभी शंखनाद गूँजता था। उसी लंका में, युद्ध के अंतिम दिनों में, सुलोचना मौन बैठी
महाभारत केवल युद्ध और वीरता का ग्रंथ नहीं है, अपितु यह धर्म, मर्यादा और आत्मसंयम का गहन उपदेश भी देता
महान महाकाव्य रामायण में हम प्रायः भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे तेजस्वी पात्रों को स्मरण करते हैं।
महाभारत के विराट आख्यान में—जहाँ कुन्ती, द्रौपदी, भीष्म और श्रीकृष्ण जैसे नाम युगों तक गूँजते हैं—वहीं एक नारी ऐसी भी
रामायण में जब भी त्याग की बात होती है, हम राम को स्मरण करते हैं। भ्रातृ-प्रेम की बात हो, तो