लंका की अंधेरी रात में सरमा – एक मौन तपस्विनी की कथा
स्वर्णमयी लंका… जहाँ महलों की दीवारें सोने से चमकती थीं, पर हृदयों में अहंकार की आग जलती थी। जहाँ शक्ति […]
Ramayan se judi kathayein, bhule hue patra aur dharmik chintan.
स्वर्णमयी लंका… जहाँ महलों की दीवारें सोने से चमकती थीं, पर हृदयों में अहंकार की आग जलती थी। जहाँ शक्ति […]
रामायण के विशाल आकाश में एक ऐसा नाम भी है जो कम बोला जाता है, परन्तु जिसकी कथा अत्यंत करुण
रामायण की कथा में एक नाम ऐसा भी है जो न पूरी तरह नायक कहलाया, न खलनायक — वह था
अंगद का जन्म गर्जना के घर में हुआ था। उसके पिता थे बालि— वनों का सिंह, युद्ध का देवता। पर
रामायण के विराट पात्रों के बीच एक नाम ऐसा भी है, जो बहुत कम लिया जाता है — रुमा। वह
इतिहास ने कुंभकर्ण को उपहास में बाँध दिया। कभी उसे निद्रालु कहा गया, कभी उसे अतिभोजी राक्षस कहकर हँस दिया
लंका के स्वर्णिम प्रासादों में कभी शंखनाद गूँजता था। उसी लंका में, युद्ध के अंतिम दिनों में, सुलोचना मौन बैठी
महान महाकाव्य रामायण में हम प्रायः भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे तेजस्वी पात्रों को स्मरण करते हैं।
रामायण में जब भी त्याग की बात होती है, हम राम को स्मरण करते हैं। भ्रातृ-प्रेम की बात हो, तो