पुषण — यात्रियों के देवता, जिन्हें हिंदू धर्म लगभग भूल गया
पुषण वैदिक काल के एक महत्वपूर्ण देवता थे जिनका उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। उन्हें यात्रियों के रक्षक, मार्गों के ज्ञाता और पशुधन के संरक्षक के रूप में पूजा जाता था। प्राचीन वैदिक समाज में लोग सुरक्षित यात्रा और सही मार्गदर्शन के लिए पुषण की आराधना करते थे। समय के साथ उनकी पूजा कम होती गई और वे हिंदू धर्म के भूले हुए देवताओं में शामिल हो गए, लेकिन वैदिक साहित्य में उनका महत्व आज भी बना हुआ है।


